मौर्य साम्राज्य प्राचीन भारत का पहला विशाल, शक्तिशाली और संगठित साम्राज्य था। इसकी स्थापना चौथी शताब्दी ईसा-पूर्व में चन्द्रगुप्त मौर्य ने की। चाणक्य के मार्गदर्शन में इस साम्राज्य ने सम्पूर्ण भारत को एक राजनीतिक इकाई में बाँध दिया। चन्द्रगुप्त मौर्य, बिंदुसार और सम्राट अशोक जैसे शासकों के कारण मौर्य साम्राज्य भारतीय इतिहास में विशेष स्थान रखता है। यह टॉपिक प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मौर्य साम्राज्य:-
चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में नन्द वंश के अंतिम शासक घनानंद को मार कर चंद्रगुप्त मौर्य ने मौर्य वंश की नींव रखी। तथा राजधानी पाटलिपुत्र (वर्तमान का पटना) को बनाया। तथा अखिल भारतीय साम्राज्य की नींव रखी। मौर्य साम्राज्य भारत का पहला विशाल और संगठित साम्राज्य माना जाता है।
चन्द्रगुप्त मौर्य
चन्द्रगुप्त मौर्य मौर्य साम्राज्य के संस्थापक थे। इन्होंने लगभग 322 ई.पू. से 298 ई.पू. तक शासन किया। इन्होंने नन्द वंश के अंतिम शासक धनानन्द को पराजित किया।
सिकंदर के बाद यूनानी शासक सेल्यूकस निकेटर ने 305 ई पू में चंद्रगुप्त मौर्य पर आक्रमण किया । इस युद्ध में चंद्रगुप्त मौर्य की जीत हुई तथा हार के बाद सेल्यूकस ने अपनी पुत्री "हेलेना" का विवाह चंद्रगुप्त से कर दिया। ये भारतीय इतिहास का पहला अंतर्राष्ट्रीय विवाह माना जाता है। शासन के अंतिम काल में इन्होंने जैन धर्म अपनाया और श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) में देह त्याग किया।
:- मेगास्थनीज, सेल्यूकस निकेटर द्वारा भारत में भेजा गया प्रथम राजदूत था। इसने इंडिका नामक पुस्तक लिखी। इस पुस्तक से ही हमें मौर्यकालीन शासन का पता चलता है।
:- बिंदुसार
बिंदुसार चन्द्रगुप्त मौर्य के पुत्र थे। इन्होंने लगभग 298 ई.पू. से 273 ई.पू. तक शासन किया। यूनानी लेखक इन्हें “अमित्रघात” कहते थे। इनके शासनकाल में मौर्य साम्राज्य का विस्तार दक्षिण भारत तक हुआ। बिंदुसार के दरबार में यूनानी राजदूत डेइमेकस आया था।
सम्राट अशोक
सम्राट अशोक बिंदुसार के पुत्र तथा मौर्य साम्राज्य के महान शासक थे। इन्होंने लगभग 273 ई.पू. से 232 ई.पू. तक शासन किया। कलिंग युद्ध (261 ई.पू.) के बाद इन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया। अशोक को “धम्माशोक” भी कहा जाता है। इन्होंने शिलालेखों और स्तंभ लेखों के माध्यम से धम्म का प्रचार किया।
सम्राट अशोक के प्रमुख शिलालेख
सम्राट अशोक के शिलालेख ब्राह्मी, खरोष्ठी, ग्रीक और अरामाइक लिपि में पाए जाते हैं। अशोक ने अपने शिलालेखों के माध्यम से धम्म का प्रचार किया।
1. प्रमुख शिलालेख (Major Rock Edicts)
कुल 14 प्रमुख शिलालेख हैं।
इनमें प्रशासन, नैतिकता, प्रजा-कल्याण और धम्म की बातें लिखी हैं। 13वाँ शिलालेख सबसे महत्वपूर्ण है, जिसमें कलिंग युद्ध का वर्णन है।
2. लघु शिलालेख (Minor Rock Edicts)
इनमें अशोक के व्यक्तिगत विचार व्यक्त हुए हैं।
इनमें अशोक ने स्वयं को “देवानांप्रिय प्रियदर्शी” कहा है।
3. स्तंभ लेख (Pillar Edicts)
ये चिकने, चमकदार स्तंभों पर उत्कीर्ण हैं। इनमें नैतिक आचरण, न्याय और प्रशासन की बातें मिलती हैं। सारनाथ स्तंभ लेख विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
अशोक का धम्म
अशोक का धम्म कोई नया धर्म नहीं था। यह एक नैतिक जीवन पद्धति थी।
अशोक के धम्म के मुख्य सिद्धांत
- माता-पिता, गुरु और बड़ों का सम्मान
- अहिंसा और करुणा
- सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता
- सत्य, दया और संयम का पालन
- पशु बलि का विरोध
धम्म प्रचार के साधन
- शिलालेख और स्तंभ लेख
- धम्म महामात्रों की नियुक्ति
विदेशों में बौद्ध धर्म का प्रचार (श्रीलंका, मध्य एशिया आदि)
मौर्य प्रशासन व्यवस्था
:- मौर्य प्रशासन एक केंद्रीकृत और सुव्यवस्थित प्रणाली थी।
:- समस्त सत्ता का केंद्र सम्राट होता था।
:- प्रशासन की जानकारी अर्थशास्त्र (कौटिल्य) और अशोक के शिलालेखों से मिलती है।
केन्द्रीय प्रशासन
:- सम्राट सर्वोच्च अधिकारी होता था।
:- मंत्रियों की एक परिषद होती थी जिसे मंत्रिपरिषद कहा जाता था।
:- प्रमुख अधिकारी – महामंत्री, पुरोहित, सेनापति, युवराज आदि।
:- मौर्य प्रशासन के सर्वोच्च अधिकारी तीर्थ (महामात्र) कहलाते थे। ऐसे अधिकारियों की कुल संख्या 18 बताई जाती है।
कुछ प्रमुख तीर्थ
:- समाहर्ता – कर निर्धारण का सर्वोच्च अधिकारी (वित्त मंत्री)।
:- सन्निधाता – राजकीय कोषागार का संरक्षक।
:- कर्मान्तिक – उद्योग मंत्री।
:- अंतःपाल – सीमावर्ती दुर्गों का रक्षक।
:- व्यावहारिक – नगर का प्रमुख न्यायाधीश।
अध्यक्ष (Adhyaksha)
:- तीर्थ के पश्चात अधिकारियों में अध्यक्षों का स्थान था।
:- अध्यक्षों की कुल संख्या 27 मानी जाती है।
कुछ प्रमुख अध्यक्ष
:- सीताध्यक्ष – कृषि विभाग का अध्यक्ष।
:- पौतवाध्यक्ष – माप-तौल विभाग का अध्यक्ष।
:- लक्षणाध्यक्ष – मुद्रा/टकसाल का अध्यक्ष।
:- पण्याध्यक्ष – व्यापार-वाणिज्य का अध्यक्ष।
:- विवीताध्यक्ष – चरागाहों का अध्यक्ष।
:- आकाराध्यक्ष – खानों (खनिज) का अध्यक्ष।
प्रांतीय प्रशासन
:- साम्राज्य को कई प्रांतों (जनपदों) में बाँटा गया था।
:- प्रत्येक प्रांत का शासक कुमार या आर्यपुत्र होता था।
मौर्य साम्राज्य के प्रांत और राजधानियाँ
मौर्य प्रांत राजधानी
अवंति राष्ट्र उज्जयिनी
उत्तरापथ तक्षशिला
कलिंग तोसली
दक्षिणापथ सुवर्णगिरि
प्राच्य या प्रासी पाटलिपुत्र
जिला एवं स्थानीय प्रशासन
:- प्रांतों को आहार/विषय में विभाजित किया गया।
:- ग्राम प्रशासन का प्रमुख ग्रामिक होता था।
:- नगरों में नगराध्यक्ष की नियुक्ति होती थी।
न्याय एवं गुप्तचर व्यवस्था
:- न्याय व्यवस्था कठोर थी।
:- गुप्तचर व्यवस्था अत्यंत विकसित थी।
:- स्त्री और पुरुष दोनों प्रकार के गुप्तचर होते थे।
मौर्य आर्थिक व्यवस्था
:- मौर्य काल में अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि थी।
कृषि व्यवस्था
:- भूमि का स्वामित्व राज्य के अधीन माना जाता था।
:- किसानों से भूमि कर (भाग) लिया जाता था।
:- सिंचाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता था।
कर प्रणाली
:- भूमि कर सबसे प्रमुख कर था।
:- व्यापार, खनन, पशुपालन और वन उत्पादों पर कर लगाया जाता था।
:- कर नकद और वस्तु दोनों रूपों में लिया जाता था।
व्यापार और उद्योग
:- आंतरिक एवं विदेशी व्यापार उन्नत था।
:- व्यापार मार्गों की सुरक्षा राज्य द्वारा की जाती थी।
:- शिल्पकारों और व्यापारियों की श्रेणियाँ (Guilds) होती थीं।
मुद्रा व्यवस्था
:- मौर्य काल में चाँदी के पंचमार्क सिक्के प्रचलित थे।
:- राज्य द्वारा टकसालों का संचालन किया जाता था।
मौर्य साम्राज्य के पतन के कारण
:- अशोक के उत्तराधिकारी कमजोर थे, जो विशाल साम्राज्य को नियंत्रित नहीं कर सके।
:- अशोक की अहिंसात्मक नीति के कारण सेना की शक्ति कमजोर हुई।
:- अत्यधिक केंद्रीकृत प्रशासन बाद के शासकों के लिए बोझ बन गया।
:- प्रांतीय शासकों की स्वायत्त प्रवृत्ति बढ़ने लगी, जिससे विद्रोह हुए।
:- राजकोष पर अत्यधिक भार पड़ा, क्योंकि विशाल सेना और अधिकारियों का खर्च बढ़ गया।
:- ब्राह्मण वर्ग की असंतुष्टि, क्योंकि अशोक ने बौद्ध धर्म को संरक्षण दिया।
:- उत्तर-पश्चिमी सीमा की सुरक्षा कमजोर होने से विदेशी आक्रमणों का खतरा बढ़ा।
:- अर्थव्यवस्था में गिरावट, व्यापार और कृषि प्रभावित हुए।
:- अंतिम मौर्य शासक बृहद्रथ की हत्या, जिससे मौर्य वंश का अंत हो गया।
:- पुष्यमित्र शुंग द्वारा शुंग वंश की स्थापना (185 ई.पू.)।
मौर्य साम्राज्य संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न
Q.1 मौर्य समाज की स्थापना किसने की - चंद्रगुप्त मौर्य (322 ई. पू.)
Q.2 मौर्य वंश से पहले मगध पर किस वंश का शासन था - नंद वंश
Q.3 किस शासक को मारकर चन्द्र गुप्त मौर्य ने मौर्य वंश की स्थापना की - घनानंद
Q.4 चंद्रगुप्त मौर्य ने किसकी सहायता से मौर्य साम्राज्य की स्थापना की - चाणक्य
Q.5 महान सम्राट अशोक का संबंध किस वंश से है - मौर्य वंश
Q.6 किस ग्रंथ से हमें मौर्यकालीन इतिहास का पता चलता है - इंडिका
Q.7 इंडिका नामक पुस्तक किसने लिखी - मेगस्थनीज
Q.8 प्रसिद्धि यूनानी राजदूत "मेगस्थनीज" किसके दरबार में भारत आया था चंद्रगुप्त मौर्य
Q.9 चाणक्य किस शासक का प्रधानमंत्री था - चन्द्रगुप्त मौर्य
Q.10 चाणक्य को और किस अन्य नाम से भी जाना जाता था - विष्णुगप्त/कौटिल्य
Q.11 चाणक्य द्वारा लिखी गई पुस्तक "अर्थशास्त्र" किस विषय से संबंधित है - राजनीति
Q.12 प्राचीन भारत का वह प्रसिद्ध शासक कौन था, जिसने अपने जीवन के अंतिम दिनों में जैन धर्म को अपनाया - चन्द्रगुप्त मौर्य
Q.13 भारत में प्रथम साम्राज्य का निर्माण करने का श्रेय किस वंश को दिया जाता है - मौर्य
Q.14 मौर्य काल में शिक्षा का सर्वाधिक प्रसिद्ध केंद्र था - तक्षशिला
Q.15 किस शासक को महान "पिता का पुत्र,और पुत्र का पिता"कहा गया है - बिंदुसार
Q.16 चंद्रगुप्त मौर्य ने सेल्यूकस को कब पराजित किया - 305 ई॰ पू॰
Q.17वह स्रोत जिसमें पाटलिपुत्र के प्रशासन का वर्णन उपलब्ध है - इंडिका
Q.18 मौर्य साम्राज्य की राजधानी क्या थी - पाटलिपुत्र
Q.19 पाटलिपुत्र किन दो नदियों के संगम पर बसा हुआ है - गंगा और सोन नदी
Q.20 किस शासक को "पिता का पुत्र" और महान "पुत्र का पिता" कहा जाता है - बिंदुसार
Q.21 चन्द्र गुप्त मौर्य का उत्तराधिकारी कौन था - बिंदुसार
Q.22 अशोक किसका पुत्र था - बिंदुसार
Q.23 अशोक के अभिलेख को सर्वप्रथम किसने पढ़ा - जेम्स प्रिंसेप
Q.24 अशोक ने किस धर्म को अपनाया था - बौद्ध धर्म
Q.25 किस स्थान के निकट अशोक ने प्रसिद्ध "कलिंग युद्ध" लड़ा गया था - धौली (ढौली)
Q.26 प्रसिद्ध सांची स्तूप किसके शासन काल में बनाया गया था - अशोक महान
Q.27 अशोक के शिलालेखों में प्रयुक्त भाषा कौन सी है - प्राकृत
Q.28 श्रीनगर की स्थापना किस मौर्य शासक ने की - अशोक ने
Q.29 वह व्यक्ति कौन है जिसका नाम ‘देवान प्रियदर्शी‘ था - मौर्य सम्राट अशोक
Q.30 अशोक का उत्तराधिकारी कौन था - कुणाल
Q.31 मौर्य साम्राज्य में प्रचलित मुद्रा का क्या नाम था - पण
Q.32 मुद्राराक्षस नामक पुस्तक के लेखक कौन थे - विशाखद्त
Q.33 सारनाथ में स्थित "लॉयन केपिटल" का संबंध किस महान शासक से है सम्राट अशोक
Q.34 कलिंग विजय के उपरांत सम्राट अशोक ने किसी धर्म को अंगीकार किया - बौद्ध धर्म
Q.35 किस अभिलेख से यह साबित होता है कि चंद्रगुप्त का प्रभाव पश्चिम भारत तक फैला हुआ था - रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख
Q.36 "भारतीय लिखने की कला नहीं जानते" यह किसकी उक्ति है - मेगास्थनीज की
Q.37 किस अभिलेख में चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक दोनों का उल्लेख किया गया है - रुद्रदमन का जूनागढ़ अभिलेख
Q.38 अशोक ने श्रीलंका में बौद्ध धर्म का प्रचार हेतु किसे भेजा - महेंद्र और संघमित्रा को
Q.39 कलिंग युद्ध की विजय तथा क्षत्रियों का वर्णन अशोक के किस शिलालेख में है - शिलालेख XIII
Q.40 मौर्य काल में गुप्तचरो को क्या कहा जाता था - गूढ पुरुष
Q.41 अशोक का समकालीन "तुरमय" कहां का राजा था - मिस्र का
Q.42 किस ग्रंथ में शूद्रों के लिए आर्य शब्द का प्रयोग हुआ है - अर्थशास्त्र
Q.43 कौटिल्य द्वारा रचित अर्थशास्त्र कितने अधिकरणों में विभाजित है - 15
Q.44 मेगास्थनीज ने भारतीय समाज को कितने श्रेणी में विभाजित किया - सात
Q.45 पाटलिपुत्र में स्थित चंद्रगुप्त का महल मुख्यता किससे बना था - लकड़ी से
Q.46 मौर्य वंश का अंतिम शासक कौन था - ब्रहद्रथ
Q.47 मौर्य साम्राज्य के बाद मगध में कौन सा वंश आया - शुंग वंश
सम्राट अशोक से संबंधित स्पेशल प्रशन:-
Q.1 सम्राट अशोक के पिता को थे - बिंदुसार
Q.2 सम्राट अशोक का राज्याभिषेक कब हुआ - 269 ई. पू.
Q.3 राजा बनने से पहले अशोक किस राज्य का राज्यपाल था - उज्जैन (अवंती)
Q.4 अशोक को और किन उपनामों से जाना जाता था - देवानांप्रिय" (देवताओं का प्रिय), "प्रियदर्शी" (देखने में सुंदर), "धर्माशोक" और "अशोकवर्धन"।
Q5. किस अभिलेख से पता चलता है कि अशोक बौद्ध धर्म का अनुयाई "बौद्ध शाक्य" था - मस्की अभिलेख
Q.6 अशोक के अभिलेख को सर्वप्रथम किसने पढ़ा - जेम्स प्रिंसेप
Q.7 किस युद्ध में हुए नरसंहार को देखकर अशोक का हृदय परिवर्तन हुआ और युद्ध नीति को हमेशा के लिए त्यागकर बौद्ध धर्म अपना लिया - कलिंग युद्ध
Q.8 वर्तमान में कलिंग किस राज्य का हिस्सा है - उड़ीसा का दक्षिणी भाग
Q.9 किस स्थान के निकट अशोक ने प्रसिद्ध "कलिंग युद्ध" लड़ा गया था - धौली (ढौली)
Q.10 अशोक ने किस धर्म को अपनाया था - बौद्ध धर्म
Q.11 प्रसिद्ध सांची स्तूप किसके शासन काल में बनाया गया था - अशोक महान
Q.12 अशोक के शिलालेखों में प्रयुक्त भाषा कौन सी है - प्राकृत
Q.13 श्रीनगर की स्थापना किस मौर्य शासक ने की - अशोक ने
Q.14 वह व्यक्ति कौन है जिसका नाम ‘देवान प्रियदर्शी‘ था - मौर्य सम्राट अशोक
Q.15 कलिंग युद्ध का वर्णन अशोक के किस अभिलेख में है - अभिलेख 13 में
Q.16 अशोक काल का सबसे बड़ा अभिलेख कौन सा है - 13 (कलिंग युद्ध का वर्णन)
Q.17 किस अभिलेख में चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक दोनों का उल्लेख किया गया है - रुद्रदमन का जूनागढ़ अभिलेख
Q.18 अशोक ने श्रीलंका में बौद्ध धर्म का प्रचार हेतु किसे भेजा - महेंद्र और संघमित्रा को
Q.19 महान अशोक के द्वारा बनवाया गया "अशोकेश्वर मंदिर" कहां है - कश्मीर में
Q.20 श्रीनगर किसने बसाया था - सम्राट अशोक ने
Q.21 अशोक ने किस से प्रभावित होकर बौद्ध धर्म अपनाया - निग्रोध (भतीजा था)
Q.22 नेपाल में अशोक का कौन सा अभिलेख मिला है - रुक्मिंदेई अभिलेख (सबसे छोटा)
Q.23 सारनाथ में स्थित "लॉयन केपिटल" का संबंध किस महान शासक से है सम्राट अशोक
Q.24 कलिंग विजय के उपरांत सम्राट अशोक ने किसी धर्म को अंगीकार किया - बौद्ध धर्म
Q.25 अशोक का समकालीन "तुरमय" कहां का राजा था - मिस्र का
Q.26 किस अभिलेख से यह साबित होता है कि चंद्रगुप्त का प्रभाव पश्चिम भारत तक फैला हुआ था - रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख
Q.27 अशोक का उत्तराधिकारी कौन था - कुणाल
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