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रविवार, 1 फ़रवरी 2026

सम्पूर्ण दिल्ली सल्तनत 1206–1526 ई. गुलाम से लोदी वंश तक संपूर्ण इतिहास, शासक व महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर

 

दिल्ली सल्तनत (1206 - 1526 ई.) तक

भारत में दिल्ली सल्तनत की शुरुआत करने का श्रेय कुतुबुद्दीन ऐबक को जाता है। कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1206 ई. में दिल्ली में गुलाम वंश की शुरुआत की और यहीं से दिल्ली सल्तनत का समय शुरू हुआ।

कुतुबुद्दीन ऐबक एक तुर्क शासक था। और यह मोहम्मद गौरी का गुलाम सेनापति था, जिसे मोहम्मद गौरी ने दिल्ली क्षेत्र की निगरानी के लिए छोड़ा था। गौरी की मृत्यु के पश्चात ऐबक ने दिल्ली अपने कब्जे में लेे ली, और अपने आप को दिल्ली का स्वतन्त्र शासक घोषित कर दिया।

दिल्ली सल्तनत काल में निम्नलिखित 5 वंशों ने शासन किया। और दिल्ली पर अपना अधिकार जमाए रखा। 

दिल्ली सल्तनत के वंशों को याद करने की ट्रिक

ट्रिक - दिल्ली का गुलाम खाता सलाम

दिल्ली - दिल्ली सल्तनत

गुलाम - गुलाम वंश    (1206 - 1290 ई.)

ख      - खिलजी वंश (1290 - 1320 ई.)

त       - तुगलक वंश  (1320 - 1414 ई.)

स       - सैयद वंश     (1414 - 1451 ई.)

ल       - लोदी वंश     (1451 - 1526 ई.)

म        - मुगल वंश     (1526 ई.......

1. गुलाम वंश (1206 - 1290 ई.) तक

गुलाम वंश को इल्बरी, ममलूक तथा दास वंश भी कहा जाता है। गुलाम वंश को मामलूक वंश भी कहा जाता है, ‘ममलूक’ का अर्थ दास होता है।

कुतुबुद्दीन ऐबक (1206 - 1210 ई.) तक

:- गुलाम वंश की स्थापना कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1206 ई. में की।  अपनी उदारता और अत्यधिक दान देने के कारण इसे "लखबक्श" कहा गया। इसने दिल्ली में कुतुबमीनार का निर्माण शुरू करवाया, तथा कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद का निर्माण करवाया। कुतुबमीनार का नाम प्रसिद्ध सूफी संत " ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी" के नाम पर रखा गया। इसने अजमेर में "अढाई दिन का झोपड़ा" भी बनवाया। लाहौर में पोलो (चौगान) खेलते समय घोड़े से गिरने के कारण इसकी मृत्यु हो गई।

:- प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने वाला ऐबक का सहायक सेना नायक "बख्तियार खिलजी" था, जोकि मोहम्मद गौरी के अभियान से जुड़ा सेनापति था।

इल्तुतमिश (1210 - 1236 ई.) तक 
:- दिल्ली का सुल्तान बनने से पहले यह बदायूं का सूबेदार था। इसने कुतुबमीनार के अधूरे निर्माण को पूरा करवाया। इसने चालीस तुर्क सरदारों का एक दल बनाया जिसे " चहलगानी" अथवा चालीसा नाम दिया गया।
:- इसने चांदी के "टका" तथा तांबे के "जीतल" नामक सिक्के चलाए। 

रजिया सुल्तान (1236 - 1240 ई.तक
यह दिल्ली की पहली मुस्लिम महिला शासिका थी। यह इल्तुतमिश की बेटी थी जो पिता की मृत्यु के बाद दिल्ली के सिंहासन पर बैठी।

नसीरुद्दीन महमूद (1246 - 1265 ई.) तक
यह अयोग्य शासक था।

बलबन (1266 - 1286 ई.) तक
:- इसने पारसी नववर्ष में मनाए जाने वाले उत्सव "नौरोज" की भारत में शुरुआत की। इसने "सिजदा"(घुटनों के बल बैठकर सुल्तान के सामने सिर झुकाना) तथा " पाबोस" (पेट के बल लेटकर सुल्तान के पैरों को चूमना) नामक प्रथाएं शुरू की। बलबन ने चहलगानी को समाप्त किया।

:- इसने उलूग खा की उपाधि धारण की।

:- गुलाम वंश का आखिरी शासक " क्यूमर्स या कैकूबाद था।

2. खिलजी वंश (1290 - 1320 ई.)

खिलजी वंश के शासक एवं उनका शासनकाल
जलालुद्दीन फिरोज खिलजी    - 1290-1296
अलाउद्दीन खिलजी               - 1296- 1316
कुतुबुद्दीन मुबारक शाह          - 1316- 1320
नासिरुद्दीन शाह                    - 1320

 :- गुलाम वंश का अंतिम शासक केमुर्स या केकुबाद हुआ जिसे जलालुद्दीन फिरोज खिलजी ने मारकर एक नए वंश (खिलजी वंश) की शुरुआत की।

जलालुद्दीन फिरोज खिलजी (1290 - 1296 ई. तक) 
:- यह 1290 ईसवी में दिल्ली का सुल्तान बना। सुल्तान बनने से पहले ये बुलंदशहर का इक्तादार था।
:- यह एक उदार शासक और हिन्दुओं के प्रति सहिष्णु था। इसके शासन काल में मंगोल दिल्ली में बसे जिन्हें " नवीन मुसलमान" कहा गया।
:- प्रसिद्ध ईरानी फकीर सीधी मौला का संबंध इसके शासन काल से ही है। जिन्हें हाथी के पैरों तले कुचलवाकर मरवा दिया था। 
:- जलालुद्दीन की हत्या 1296 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने कर दी और दिल्ली के तख्त पर जा बैठा।

अलाउद्दीन खिलजी (1296 - 1316 ई.) तक
:- इसे द्वितीय सिकंदर भी कहा जाता था 
:- जलालुद्दीन खिलजी के शासनकाल में यह कड़ा - मानिकपुर का सूबेदार था। इसने "सिकंदर ए सानी" की उपाधि धारण की।
:- यह ऐसा प्रथम शासक था जिसने "स्थाई सैना" गठित की और सैनिकों को नकद वेतन दिया। 
:- सैनिकों के लिए हुलिया तथा घोड़ों को दागने की प्रथा भी इसने ही शुरू की थी।

:- इसने बाजार नियंत्रण प्रणाली की शुरुआत की। इसने बाजार नियंत्रण के लिए "दीवान ए खैरात" तथा शहना ए मंडी" की नियुक्ति की। बाजार नियंत्रण प्रणाली में इसने सारी वस्तुओं की कीमतों का मूल्य निर्धारित कर दिया था, जो भी उस कीमत से अधिक मूल्य पर वस्तु बेचता था उसे कठोर दंड दिया जाता था।

:- इसका प्रसिद्ध सेनापति मलिक काफूर था।
:- इसने दिल्ली में "अलाई दरवाजा" , सीरी का किला  तथा जमातखाना मस्जिद बनवाई।
:- इसने चित्तौड़ पर आक्रमण किया। उस समय चित्तौड़ के राजा रतन सिंह थे।
:- प्रसिद्ध कवि "अमीर खुसरो" अलाउद्दीन के दरबारी कवि थे।

मुबारक शाह खिलजी 
अलाउद्दीन की मृत्यु के बाद कुतुबुद्दीन मुबारक शाह खिलजी दिल्ली का शासक बना। इसने "खलीफा" की उपाधि धारण की थी। कुतुबुद्दीन मुबारक शाह विलासी और अयोग्य शासक था।
तथा कभी कभी यह अपने दरबार में नंगा होकर दौड़ता था।

:- इसके बाद 1320 ईसवी में ग्यासुद्दीन तुगलक ने मुबारक शाह को मारकर तुगलक वंश की शुरुआत कर दी

तुगलक वंश (1320 - 1414 ई.) तक

तुगलक वंश के शासक
ग्यासुद्दीन तुगलक शाह      - 1320 - 1325
मुहम्मद बिन तुगलक         - 1325- 1351
फिरोज तुगलक                - 1351- 1388
ग्यासुद्दीन तुगलक द्वितीय   - 1388 - 1389
अबू वक्र                          - 1389
सीरुद्दीन मुहम्मद शाह        - 1390 - 1394
अलाउद्दीन सिकंदर शाह     - 1394
नसीरुद्दीन महमूदशाह        - 1394 - 1414

:- तुगलक वंश की शुरुआत गयासुद्दीन तुगलक ने 1320 ई. में खिलजी वंश के अंतिम शासक कुतुबुद्दीन मुबारक शाह खिलजी को मारकर की।

गयासुद्दीन तुगलक ( 1320 - 1325 ई.) तक
:- इसने 1320 ई. में तुगलक वंश की स्थापना की। गयासुद्दीन तुगलक का मूल नाम गाजी बेग तुगलक था। अलाउद्दीन खिलजी के समय में यह दिपालपुर का सूबेदार था।
:- इसने दिल्ली के निकट तुगलकाबाद नगर की स्थापना की। और 1325 ईसवी में इसकी मृत्यु हो गई।

मुहम्मद बिन तुगलक (1325 - 1351 ई.) तक
:- गयासुद्दीन तुगलक की मृत्यु के बाद 1325 ई. में यह दिल्ली का शासक बना। इसका मूल नाम "जौना खां" था।
:- दिल्ली के सुलतानों में यह एक ऐसा पहला शासक था जिसने योग्यता के आधार पर पद दिए।
:- इसने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद (देवगिरी)  स्थानांतरित की।

:- मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में हरिहर  और बुक्का  नाम के दो भाइयों ने 1336 ई. में एक स्वतंत्र राज्य "विजयनगर" की स्थापना की।

:- इसी के काल में बहमन शाह ने 1347 ईसवी में बहमनी राज्य की स्थापना की।

:- प्रसिद्ध मोरक्को यात्री इब्नबतूता भारत में मोहम्मद तुगलक के शासनकाल में आया था। तथा उसने अपनी पुस्तक "रेहला" में तुगलक के समय की घटनाओं का वर्णन किया है।

:- इसने सांकेतिक मुद्रा भी चलाई।

:- यह सल्तनत कालीन शासकों में सबसे अधिक शिक्षित  एवं  विद्वान था। लेकिन अधिक स्वप्नशील एवं लालशा होने के कारण इसे सनकी एवं पागल भी कहा गया है। इसकी नीतियाँ अव्यावहारिक थीं, इसलिए इसके कई प्रयोग असफल रहे।

:- यह हिन्दू त्यौहारों को भी मनाता था। तथा 1351 ई. में थट्टा नामक स्थान पर इसकी मृत्यु हो गई।

फिरोजशाह तुगलक ( 1351 - 1388 ई.) तक

:- 1351 ई. में यह मोहम्मद बिन तुगलक की मृत्यु के बाद फिरोजशाह तुगलक दिल्ली का शासक बना।
:- यह सैनिक तथा कर्मचारियों को नकद वेतन के बदले वेतन के रूप में इक्ता (भूमि) देता था।
:- इसने फतेहाबाद, जौनपुर, फिरोजशाह कोटला, हिसार तथा फिरोजपुर जैसे नगरों की स्थापना की।

:- इसने "फुतुहत ए फिरोजशाही" नामक आत्मकथा की रचना की।
:- इसने ही सर्वप्रथम ब्राह्मणों पर जजिया कर लगाया था।
:- इसके पास लगभग 1 लाख 80 हजार गुलाम थे।

तुगलक वंश का अंतिम शासक नसीरुद्दीन महमूद तुगलक था।

सैयद वंश (1414 - 1451 ई.) तक 
खिज्र खान   1414 - 1421 ई.
मुबारक शाह  1421 - 1434 ई.
मुहम्मद शाह   1434 - 1445 ई.
अलाउद्दीन आलम शाह   1445 - 1451 ई.

खिज्र खां ने 1414 ई. में दिल्ली में सैयद वंश की स्थापना की। पूरे सल्तनत काल में सैयद वंश एकमात्र ऐसा वंश था जो कि "शिया समुदाय" से था।

खिज्र खां (1414 - 1421 ई.) तक
इसने 1414 ई. में सैयद वंश की स्थापना की। इसने सुल्तान की उपाधि ना लेकर "रैयत ए आला" की उपाधि धारण की।

मुबारक शाह ( 1421 - 1434 ई.) तक
:- इसने "शाह" की उपाधि धारण की। इसने यमुना नदी के किनारे " मुबारकाबाद" नामक शहर की स्थापना की।

:- 1434 ई. में इसकी मृत्यु के बाद मुहम्मद शाह शासक बना।

:- तथा सैयद वंश का अंतिम शासक "अलाउद्दीन आलम शाह" था। इसके बाद दिल्ली में बहलोल लोदी ने लोदी वंश की शुरुआत कर दी।

लोदी वंश (1451 - 1526 ई.) तक

यह दिल्ली सल्तनत का सबसे आखिरी वंश था। जिसकी स्थापना 1451 ई. में बहलोल लोदी ने की थी।

बहलोल लोदी (1451 - 1489 ई.) तक
:- इसने 1451 ई. में दिल्ली सल्तनत के आखिरी वंश लोदी वंश की स्थापना की

सिकंदर लोदी ( 1489 - 1517 ई.) तक
:- यह 1489 ई. में दिल्ली का सुल्तान बना। इसकी माता हिन्दू थी।
:- जौनपुर/शर्की संघर्ष में सिकंदर लोदी ने हुसैन शाह शर्की को पराजित किया
:- 1504 ई. में इसने आगरा शहर बसाया। और इसी को अपनी राजधानी भी बनाया।
:- यह गुलरुखी उपनाम से अपनी कविताएं लिखता था 
:- इसके शासनकाल में संगीत कला के सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ " लज्जत ए सिकंदर शाही" की रचना हुई।
:- प्रसिद्ध संत कबीर दास सिकंदर लोदी के समकालीन थे।
:- गले की बीमारी के कारण 21 नवंबर 1517 ईस्वी को इसकी मृत्यु हो गई।

इब्राहीम लोदी (1517 - 1526 ई.) तक
:- यह लोदी वंश और दिल्ली सल्तनत का आखिरी शासक था। यह 1517 ई. में सिकंदर लोदी की मृत्यु के बाद दिल्ली का शासक बना।
:- इसने आगरा में अपना राज्याभिषेक किया और इब्राहिम शाह की पदवी धारण की।
:- इब्राहिम लोदी ने ग्वालियर के तोमर शासक विक्रमादित्य (विक्रमजीत) को हराया

:- 21 अप्रैल 1526 ई. को इब्राहिम लोदी और बाबर के बीच पानीपत का प्रथम ऐतिहासिक युद्ध हुआ।  जिसमें बाबर की जीत हुई और इब्राहिम लोदी मारा गया। और इसी के साथ दिल्ली सल्तनत का खात्मा हो गया। और 1526 ई. में ही दिल्ली में मुगल वंश की शुरुआत हो गई

:- इब्राहिम लोदी दिल्ली सल्तनत का एकमात्र ऐसा शासक था जो युद्ध में लड़ते हुए मारा गया।

दिल्ली सल्तनत (1206–1526 ई.) : महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर
 गुलाम वंश (1206–1290 ई.)
Q.1 गुलाम वंश का संस्थापक – कुतुबुद्दीन ऐबक
Q.2 गुलाम वंश का शासनकाल – 1206–1290 ई.
Q.3 गुलाम वंश का अन्य नाम – दास वंश / मामलुक वंश
Q.4 दिल्ली का पहला तुर्क शासक – कुतुबुद्दीन ऐबक
Q.5 कुतुबुद्दीन ऐबक को उदारता के कारण क्या कहा जाता था – लाखबक्स
Q.6 अढ़ाई दिन का झोपड़ा (अजमेर) किसने बनवाया – कुतुबुद्दीन ऐबक
Q.7 कुतुबमीनार का निर्माण किसने शुरू कराया – कुतुबुद्दीन ऐबक
Q.8 कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु कब और कैसे हुई – 1210 ई. में चौगान खेलते समय घोड़े से गिरकर
Q.9 कुतुबुद्दीन ऐबक का मकबरा कहाँ स्थित है – लाहौर
Q.10 कुतुबुद्दीन ऐबक के बाद दिल्ली का शासक कौन बना – इल्तुतमिश
Q.11 चालीसा / तुर्क-ए-चहलगामी क्या था – 40 शक्तिशाली तुर्क अमीरों का समूह
Q.12 टंका (चाँदी) और जीतल (ताँबा) मुद्रा किसने चलाई – इल्तुतमिश
Q.13 कुतुबमीनार का अधूरा निर्माण किसने पूरा करवाया – इल्तुतमिश
Q.14 इल्तुतमिश के बाद दिल्ली का शासक कौन बना – रज़िया सुल्तान
Q.15 दिल्ली की पहली महिला शासिका – रज़िया सुल्तान
Q.16 रज़िया सुल्तान किसकी बेटी थी – इल्तुतमिश
Q.17 “उलूग खाँ” की उपाधि किस शासक ने धारण की – बलबन
Q.18 सिजदा और पाबोस प्रथा किसने शुरू की – बलबन
Q.19 गुलाम वंश का अंतिम शासक – क्यूर्मस
Q.20 गुलाम वंश का अंत किसने किया – जलालुद्दीन खिलजी

खिलजी वंश (1290–1320 ई.)
Q.21 खिलजी वंश का संस्थापक कौन था – जलालुद्दीन फिरोज खिलजी
Q.22 अलाउद्दीन खिलजी का शासनकाल क्या था – 1296–1316 ई.
Q.23 अलाउद्दीन खिलजी को “द्वितीय सिकंदर” क्यों कहा जाता है – उसकी विजय नीति के कारण
Q.24 बाजार नियंत्रण प्रणाली किसने लागू की – अलाउद्दीन खिलजी
Q.25 दीवान-ए-रियासत किससे संबंधित था – बाजार व्यवस्था से
Q.26 घोड़ों को दागने और सैनिकों की हुलिया प्रथा किसने शुरू की – अलाउद्दीन खिलजी
Q.27 दक्षिण भारत पर पहला आक्रमण किसने किया – अलाउद्दीन खिलजी
Q.28 अलाउद्दीन खिलजी का सेनापति कौन था – मलिक काफूर
Q.29 मंगोल आक्रमणों को सफलतापूर्वक किसने रोका – अलाउद्दीन खिलजी
Q.30 खिलजी वंश का सबसे शक्तिशाली शासक कौन था – अलाउद्दीन खिलजी
Q.31 खिलजी वंश का अंत किसने किया – गयासुद्दीन तुगलक

तुगलक वंश (1320–1414 ई.)
Q.32 खिलजी वंश के बाद दिल्ली सल्तनत में किस वंश का उदय हुआ – तुगलक वंश
Q.33 तुगलक वंश का संस्थापक कौन था – गयासुद्दीन तुगलक
Q.34 तुगलक वंश का शासनकाल – 1320–1414 ई.
Q.35 तुगलकाबाद नगर का निर्माण किसने करवाया – गयासुद्दीन तुगलक
Q.36 सिंचाई के लिए कुएँ और नहरों का निर्माण किसने करवाया – फिरोजशाह तुगलक
Q.37 भारत में प्रतीक (ताँबे) की मुद्रा शुरू करने वाला पहला शासक कौन था – मोहम्मद बिन तुगलक
Q.38 असफल प्रयोगों के लिए कौन प्रसिद्ध है – मोहम्मद बिन तुगलक
Q.39 राजधानी दिल्ली से दौलताबाद किसने बदली – मोहम्मद बिन तुगलक
Q.40 दोआब क्षेत्र में कर वृद्धि किसने की – मोहम्मद बिन तुगलक
Q.41 मोरक्को यात्री इब्नबतूता भारत किसके शासनकाल में आया – मोहम्मद बिन तुगलक
Q.42 विजयनगर और बहमनी राज्यों की स्थापना किसके शासनकाल में हुई – मोहम्मद बिन तुगलक
Q.43 किस मध्यकालीन शासक को सनकी और स्वपनसीन कहा जाता है – मोहम्मद बिन तुगलक
Q.44 कांसे एवं ताँबे के सिक्के किस शासक ने चलाए – मोहम्मद बिन तुगलक
Q.45 ब्राह्मणों पर पहली बार जजिया कर किसने लगाया – फिरोजशाह तुगलक
Q.46 दीवान-ए-खैरात विभाग की स्थापना किसने की – फिरोजशाह तुगलक
Q.47 फिरोजशाह कोटला दुर्ग का निर्माण किसने करवाया – फिरोजशाह तुगलक
Q.48 महान सम्राट अशोक के स्तंभ दिल्ली लाने वाला शासक कौन था – फिरोजशाह तुगलक
Q.49 फतूहात-ए-फिरोजशाही किसकी आत्मकथा है – फिरोजशाह तुगलक
Q.50 तैमूर का आक्रमण कब हुआ – 1398 ई.
Q.51 तुगलक वंश का अंतिम शासक कौन था – नसरुद्दीन महमूद तुगलक
Q.52 तुगलक वंश के बाद दिल्ली सल्तनत में किस वंश का उदय हुआ – सैयद वंश

सैयद वंश (1414–1451 ई.)
Q.53 तुगलक वंश के बाद दिल्ली में कौन सा वंश आया – सैयद वंश
Q.54 सैयद वंश का संस्थापक कौन था – खिज्र खाँ
Q.55 सैयद वंश का शासनकाल क्या था – 1414–1451 ई.
Q.56 खिज्र खाँ ने कौन सी उपाधि धारण की – रैयत-ए-आला
Q.57 दिल्ली सल्तनत काल में शासन करने वाला एकमात्र शिया वंश कौन सा था – सैयद वंश
Q.58 सैयद शासक किसके अधीन माने जाते थे – तैमूर वंश के
Q.59 मुबारकाबाद शहर की स्थापना किसने की – मुबारक शाह
Q.60 सैयद वंश का प्रमुख शासक कौन था – मुबारक शाह
Q.61 सैयद वंश का अंतिम शासक कौन था – अलाउद्दीन आलम शाह
Q.62 सैयद वंश का अंत किसने किया – बहलोल लोदी
Q.63 सैयद वंश के बाद दिल्ली सल्तनत में किस वंश का उदय हुआ – लोदी वंश

लोदी वंश (1451–1526 ई.)
Q.64 लोदी वंश का संस्थापक कौन था – बहलोल लोदी
Q.65 दिल्ली सल्तनत काल का अंतिम वंश कौन सा था – लोदी वंश
Q.66 आगरा शहर की स्थापना कब और किसने की – 1504 ई. में सिकंदर लोदी ने
Q.67 सिकंदर लोदी किस नाम से अपनी कविताएँ लिखता था – गुलरुखी
Q.68 सिकंदर लोदी ने अपनी राजधानी किस शहर को बनाया – आगरा
Q.69 संगीत कला के ग्रंथ “लज्जत-ए-सिकंदरशाही” की रचना किसके काल में हुई – सिकंदर लोदी
Q.70 प्रसिद्ध संत कबीर दास किसके समकालीन थे – सिकंदर लोदी
Q.71 लोदी वंश का सबसे योग्य शासक कौन था – सिकंदर लोदी
Q.72 लोदी वंश का अंतिम शासक कौन था – इब्राहिम लोदी
Q.73 दिल्ली सल्तनत काल में युद्ध में पराजित होने वाला शासक कौन था – इब्राहिम लोदी
Q.74 पानीपत का प्रथम युद्ध किसके बीच हुआ था – बाबर और इब्राहिम लोदी
Q.75 पानीपत का प्रथम युद्ध कब हुआ – 1526 ई.
Q.76 इब्राहिम लोदी को किसने हराया – बाबर
Q.77 लोदी वंश की मुख्य कमजोरी क्या थी – अमीरों से संघर्ष
Q.78 लोदी वंश के पतन से किस काल की शुरुआत हुई – मुगल काल


दिल्ली सल्तनत भारतीय इतिहास का वह काल है जिसने प्रशासन, कला, स्थापत्य और शासन व्यवस्था को नई दिशा दी।
गुलाम वंश से लेकर लोदी वंश तक के शासकों ने भारत की राजनीति और संस्कृति पर गहरा प्रभाव डाला।
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