गुरुवार, 21 अक्टूबर 2021

दिल्ली सल्तनत की शुरुआत/ गुलाम वंश के नोट्स और महत्वपूर्ण प्रशन

मध्यकालीन भारत 

दिल्ली सल्तनत (1206 - 1526 ई.

दिल्ली सल्तनत की शुरुआत

भारत में दिल्ली सल्तनत की शुरुआत करने का श्रेय कुतुबुद्दीन ऐबक को जाता है। कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1206 ई. में दिल्ली में गुलाम वंश की शुरुआत करके एक सल्तनत की नींव डाली, जिसे आज दिल्ली सल्तनत के नाम से जाना जाता है।
कुतुबुद्दीन ऐबक एक तुर्क शासक था। और यह मोहम्मद गौरी का गुलाम सेनापति था, जिसे मोहम्मद गौरी ने दिल्ली क्षेत्र की निगरानी के लिए छोड़ा था। गौरी की मृत्यु के पश्चात ऐबक ने दिल्ली अपने कब्जे में लेे ली, और अपने आप को दिल्ली का स्वतन्त्र शासक घोषित कर दिया।

दिल्ली सल्तनत काल में निम्नलिखित 5 वंशों ने शासन किया। और दिल्ली पर अपना अधिकार जमाए रखा। 

दिल्ली सल्तनत के वंशों को याद करने की ट्रिक

ट्रिक - दिल्ली का गुलाम खाता सलाम

दिल्ली - दिल्ली सल्तनत

गुलाम - गुलाम वंश    (1206 - 1290 ई.)

ख      - खिलजी वंश (1290 - 1320 ई.)

त       - तुगलक वंश  (1320 - 1414 ई.)

स       - सैयद वंश     (1414 - 1451 ई.)

ल       - लोदी वंश     (1451 - 1526 ई.)

म        - मुगल वंश     (1526 ई.......


1. गुलाम वंश (1206 - 1290 ई.) तक

गुलाम वंश को इल्बरी, ममलूक तथा दास वंश भी कहा जाता है। ममलूक शब्द इतिहासकार हबीबुल्लाह द्वारा दिया गया। 

कुतुबुद्दीन ऐबक (1206 - 1210 ई.) तक

गुलाम वंश की स्थापना कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1206 ई. में की।  अपनी उदारता और अत्यधिक दान देने के कारण इसे "लखबक्श" कहा गया। इसने दिल्ली में कुतुबमीनार का निर्माण शुरू करवाया, तथा कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद का निर्माण करवाया। कुतुबमीनार का नाम प्रसिद्ध सूफी संत " ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी" के नाम पर रखा गया। इसने अजमेर में "अढाई दिन का झोपड़ा" भी बनवाया। लाहौर में पोलो (चौगान) खेलते समय घोड़े से गिरने के कारण इसकी मृत्यु हो गई।
प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने वाला ऐबक का सहायक सेना नायक "बख्तियार खिलजी" था।

इल्तुतमिश (1210 - 1236 ई.) तक 

दिल्ली का सुल्तान बनने से पहले यह बदायूं का सूबेदार था। इसने कुतुबमीनार के अधूरे निर्माण को पूरा करवाया। इसने चालीस तुर्क सरदारों का एक दल बनाया जिसे " चहलगानी" अथवा चालीसा नाम दिया गया।
इसने चांदी के "टका" तथा तांबे के "जीतल" नामक सिक्के चलाए। 

रजिया सुल्तान (1236 - 1240 ई.तक

यह दिल्ली की पहली व अंतिम मुस्लिम महिला शासिका थी। यह इल्तुतमिश की बेटी थी जो पिता की मृत्यु के बाद दिल्ली के सिंहासन पर बैठी।

नसीरुद्दीन महमूद (1246 - 1265 ई.) तक

बलबन (1266 - 1286 ई.) तक


इसने पारसी नववर्ष में मनाए जाने वाले उत्सव "नौरोज" की भारत में शुरुआत की। इसने "सिजदा"(घुटनों के बल बैठकर सुल्तान के सामने सिर झुकाना) तथा " पाबोस" (पेट के बल लेटकर सुल्तान के पैरों को चूमना) नामक प्रथाएं शुरू की। बलबन ने चहलगानी को समाप्त किया।
इसने उलूग खा की उपाधि धारण की।

. गुलाम वंश का आखिरी शासक " क्यूमर्स या कैकूबाद      था।


गुलाम वंश: महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर

Q.1गुलाम वंश का संस्थापक - कुतुबुद्दीन ऐबक 

Q.2 गुलाम वंश कब से कब तक - 1206 - 1290 ई. तक

Q.3 गुलाम वंश का अन्य नाम - दास वंश/मामलुक वंश

Q.4 दिल्ली का पहला तुर्क शासक - कुतुबुद्दीन ऐबक

Q.5 कुतुबुद्दीन ऐबक को उसकी उदारता के कारण क्या नाम           दिया गया - लाखबक्स

Q.6 अजमेर में "अढाई दिन का झोपड़ा" किसने बनवाया -               कुतुबुद्दीन ऐबक ने

Q.7 कुतुबमीनार का निर्माण किसने शुरू करवाया -                        कुतुबुद्दीन ऐबक ने

Q.8 कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु कब और कैसे हुई - 1210 ई.          में, चौगान खेलते समय

Q.9 कुतुबुद्दीन ऐबक जा मकबरा कहां स्थित है - लाहौर में

Q.10 कुतुबुद्दीन के बाद दिल्ली का शासक कौन बना -                     इल्तुतमिश

Q.11 कुतुबुद्दीन ऐबक के बाद दिल्ली का अगला शासक कौन           बना - इल्तुतमिश

Q.12 इल्तुतमिश के चालीस सरदारों के समूह को क्या नाम               दिया गया - चालीसा/तुर्क ए चहलगामी

Q.13 कुतुबमीनार का अधूरा निर्माण कार्य किसने पूर्ण                      करवाया इल्तुतमिश

Q.14 किस शासक ने तांबें के "जीतल" तथा चांदी के "टका"               नामक सिक्के चलाए - इल्तुतमिश

Q.15 इल्तुतमिश के बाद दिल्ली का अगला शासक कौन बना             रजिया सुल्तान

Q.16 दिल्ली की पहली महिला शासक कौन थी - रजिया                    सुल्तान                   

Q.17 रजिया सुल्तान किसकी बेटी थी - इल्तुतमिश

Q18 किस शासक ने "उलूग खां" की उपाधि धारण थी - बलबन

Q.19 किस शासक ने "सिजदा तथा पाबोस" प्रथा प्रारंभ की                बलबन ने

Q.20 गुलाम वंश का अंतिम शासक कौन था - क्यूर्मस



सैयद वंश

लोदी वंश

आशा करता हूं दोस्तो आपको जानकारी बहुत अच्छी लगी होगी।अगर आप किसी कॉम्पटेटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं या जनरल नॉलेज पढ़ने के शौकीन हैं, तो आप हमें जरूर फॉलो कर लीजिए। हम आपके लिए जनरल नॉलेज, जनरल साइंस और कॉम्पटेटिव रिलेटेड नोट्स लेकर आते रहेंगे। 🙏

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दिवस | Important National & International Days GK

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस सामान्य ज्ञान (GK) का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, जिससे SSC, UPSC, UPPSC, Railway, Police, NDA, CDS जैसी ...